Kya De Saktha Kum – क्या दे सकता हूँ, क्या ला सकता हूँ

Kya De Saktha Kum
क्या दे सकता हूँ, क्या ला सकता हूँ
कहता तुझे बस, शुक्रिया
क्या दे सकता हूँ, क्या ला सकता हूँ
कहता क्या दे सकता हूँ
तुझे बस, शुक्रिया

तुझमें ही मेरी सुबह
तुझमें ही हर शाम
तुझ से ही करता शुरू हर कोई कम
शुक्रिया करता हूँ मैं ले के तेरा नाम
आदर और धन्यवाद आज तेरे नाम

सारी दुनिया तेरी है, सब कुछ तूने बनाया है
मुझको भी तूने बनाया है, तेरे जैसा किया है

तू ही मेरा सहारा है, तूने मुझको बचाया है
मेरा जीवन तेरा है, तुझमे मेरा बसेरा है

One thought on “Kya De Saktha Kum – क्या दे सकता हूँ, क्या ला सकता हूँ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *